Volume : V, Issue : III, March - 2016

Stri Vimarsh Ka Sashakt Dastavej : Shrunkhala ki Kadiya

Mrs Neelam

Abstract :

 à¤®à¤¹à¤¾à¤&vbar;ेवी वरà¥�मा रचित निबंध संगà¥�रह ‘शृंखला की कड़ियाà¤� ’ का पà¥�रकाशन सà¥�तà¥�रीवाà¤&vbar;ी चिंतन के इतिहास की महतà¥�वपूरà¥�ण घटना हà¥^ । इस निबंध संगà¥�रह के माधà¥�यम में महाà¤&vbar;ेवी वरà¥�मा à¤�क सà¥�तà¥�रीवाà¤&vbar;ी à¤&vbar;ारà¥�शनिक के रूप में हमारे सामने आती हà¥^ । ये निबंध महाà¤&vbar;ेवी वरà¥�मा की अपने समय व समाज के पà¥�रति जागरà¥�क और मà¥�खर à¤&vbar;ृषà¥�टि को ही उजागर नही करते, बलà¥�कि हमें बहà¥�त कà¥�छ सोचने को भी बाधà¥�य करते हà¥^। ‘शृंखला की कड़ियाà¤� ’ में सà¥�तà¥�री के पà¥�रति पà¥�रूष à¤&vbar;à¥�वारा निशà¥�चित किà¤� गà¤� उतà¥�तरà¤&vbar;ायितà¥�वों की बेडियों का खà¥�लासा हà¥^, साथ ही साथ महाà¤&vbar;ेवी वरà¥�मा à¤&vbar;à¥�वारा सà¥�à¤�ाà¤� गà¤� à¤�क सà¥�वसà¥�थ समाज के लिà¤� आधà¥�निक नारी के कà¥�या करà¥�तवà¥�य हà¥^ं, उसका भी संकेत हà¥^ । इस पà¥�रकार इस विमरà¥�श का महà¥�तà¥�व केवल à¤�तिहासिक ही न होकर आज भी पà¥�रासंगिक हà¥^ ।

Keywords :

Article: Download PDF    DOI : https://www.doi.org/10.36106/gjra  

Cite This Article:

Mrs NEELAM Stri Vimarsh Ka Sashakt Dastaveg : Shrunkhala ki Kadiya Global Journal For Research Analysis, Vol: 5, Issue : 3 March 2016


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